"ट्वीट, एसी और पीसी के नेता हैं अखिलेश": ओम प्रकाश राजभर का करारा हमला
"Akhilesh is a leader of tweets, ACs and PCs": Om Prakash Rajbhar's scathing attack
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार में पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर अक्सर ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोलते रहते हैं। ताजा प्रकरण पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने पर है।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को लेकर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की लगातार तीन बार की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो अखिलेश यादव का हफ्तों से इंतजार करती रहीं।
उन्होंने सोचा कि अखिलेश यादव अब आएंगे तब आएंगे, लेकिन अखिलेश यादव उनके चुनाव में एक दिन भी नहीं गए। राजभर ने कहा कि इन दिनों की भयानक गर्मी में अखिलेश निकलते कहां हैं। कैसे रैलियां और रोड शो करेंगे। पसीना निकलेगा और गर्मी लगेगी। इसके साथ ही सुबह उठना भी पड़ेगा।
राजभर ने कहा कि सबसे अच्छा काम यह है कि दोपहर में उठने के बाद एक ट्वीट कर देना। यह काम अखिलेश यादव ने बिना किसी नागा किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी चुनाव हार गईं तो अब अखिलेश यादव बंगाल जा रहे हैं। अब रैली तो करनी नहीं है। एसी की ठंडक में बैठकर ममता जी को ढांढस देंगे और गुजारिश करेंगे कि ममता जी पिछले चुनाव की तरह आप मेरे समर्थन में यूपी जरूर आना।
उन्होंने कहा कि बंगाल में ममता जी से मुलाकात के जरिए अखिलेश जी यूपी को संदेश देंगे कि सब ईवीएम की वजह से हो रहा है।अखिलेश यह सब अपने लिए कर रहे हैं ताकि 2027 में जब वे हारे तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ सके।
राजभर ने कहा कि लेकिन शहजादों को याद रखना चाहिए कि अब जनता सिंहासन पर विराजमान है। जहां भी सिंहासन खाली नहीं हो रहा, जनता ने नारा दे दिया है कि सिंहासन खाली करो कि जनता आती है। जय महाराजा सुहेलदेव राजभर, जय ओबीसी समाज, जय भारत।
जिसको अखिलेश का समर्थन वो हारा
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव जी ट्वीट, एसी और पीसी के नेता हैं। उनको लेकर मेरे मन में कभी संदेह नहीं रहता। बंगाल चुनाव नतीजों को लेकर मेरे मन में कोई संदेह नहीं था। जिस दिन अखिलेश यादव जी ने ट्वीट कर ममता दीदी के जीत की मुनादी शुरू की, उसी दिन पक्का हो गया था कि वे हारने जा रही हैं।
अखिलेश जी ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का समर्थन किया वो हार गए। दिल्ली में केजरीवाल की सरकार का समर्थन कर रहे थे, हार गए। तेजस्वी यादव के लिए गांव-गांव घूमे। तेजस्वी हार गए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनवा रहे थे वह भी पराजित हुए।
उत्तर प्रदेश में पंचायती राज मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव 2014, 2017, 2019, 2022 का चुनाव हार गए। 2027 में भी हारेंगे। अखिलेश के पीछे सजातीय वोटों के अलावा कोई ताकत, कोई गुण नहीं है। दोपहर तक सोते हैं। एसी से बाहर निकलते नहीं हैं और सोशल मीडिया के अलावा कहीं दिखाई नहीं देते हैं।
मुख्यमंत्री भी बने तो वह आदरणीय मुलायम सिंह यादव जी और चचा शिवपाल की मेहनत थी। 2012 का चुनाव मुलायम सिंह जी और शिवपाल का था। गांठ बांध लीजिए। 2027 का चुनाव के बाद अखिलेश जी की राजनीति खत्म हो जाएगी और वह लंदन चले जाएंगे।
ममता बनर्जी हफ्तों इंतजार करती रहीं कि अखिलेश यादव अब आएंगे तब आएंगे। अखिलेश यादव नहीं गए। भयानक गर्मी में अखिलेश निकलते कहां हैं। कैसे रैलियां और रोड शो करेंगे? पसीना निकलेगा, गर्मी लगेगी। सुबह उठना भी पड़ेगा।